Tuesday, March 24, 2020

क्या कोरोना जैसे ही ख़तरनाक है हंता वायरस भी? चाइना का एक और वायरस धमाका

               क्या हंता वायरस भी कोरोना वायरस की तरह ही खतरनाक वायरस है? क्या यह भी बड़े स्तर पर फैल जाएगा? आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में :-      

                अभी-अभी FB पर नजर पड़ी तो देखा कि एक और वायरस ट्रेंड हो रहा है। सोशल मीडिया की कितनी हकीकत, कितना फ़साना। किन्तु, ये शत-प्रतिशत सच है कि चीन ने एक बार फिर से नाम कमाया है और हंता वायरस नामक एक और बीमारी जनता को भेंट की है।

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              सम्पूर्ण विश्व इस समय कोरोना के कहर से जूझ रहा है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ चीन के वुहान शहर में जन्मे कोरोना वायरस का असर चीन में कम हो रहा है। परन्तु अब खबर ये भी है कि चीन के युन्नान प्रांत में सोमवार को एक व्यक्ति की हंता (Hanta) virus) नाम के वायरस से मौत हुई है। जिसके बाद लोगों को यह डर होना स्वाभाविक है कि कहीं कोरोना की तरह यह भी महामारी न बन जाए।
                पीड़ित व्‍यक्ति काम करने के लिए बस से शाडोंग प्रांत लौट रहा था। उसे हंता वायरस से पॉजिटिव पाया गया था। उसके साथ बस में सवार 32 अन्‍य लोगों की भी जांच की गई है। चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्‍लोबल टाइम्‍स की इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है।

                  अब इन चूहों को खाने में चाइना वालों की संतुष्टी और मासूम एवम् मूक प्राणी जगत की आह ने शायद हंता वायरस के रूप में भी हमें एक संदेश देना चाहा है।

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                   चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि हंता वायरस, कोरोना वायरस की तरह घातक नहीं है। एक अंग्रेजी वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार हंता वायरस हवा के रास्ते नहीं फैलता है, बल्कि यह व्यक्ति के चूहे या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है। हंता वायरस चूहों में होता है। हालांकि इस वायरस के कारण चूहों में तो कोई बीमारी नहीं होती, लेकिन इस वायरस के कारण इंसानों की मौत हो जाती है।

                   विशेषज्ञ कहते हैं कि हंता वायरस एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति में नहीं जाता है, लेकिन कोई व्‍यक्ति चूहों के मल, पेशाब आदि को छूने के बाद अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो उसके हंता वायरस से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इस वायरस से संक्रमित होने पर इसके लक्षणों में इंसान को बुखार, सिर दर्द, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, उल्‍टी, डायरिया आदि हो सकता है। इससे मरने वालों का आंकड़ा 38 प्रतिशत है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या चूहे खाना जरूरी है? आप अपना विचार जरूर साझा करें।
                    अहिंसा का नाम भुला करके निर्दोष जीव-जंतुओं को खाना किस हद तक शोभनीय है? क्या ईश्वर ने मनुष्य को बस यही सब खाने के लिए बनाया है? चाइना के लोगों को सामान्य मानव व्यवहार के बजाय उल्टा-सीधा खाना क्यूं पसंद है? बार-बार असामान्य त्रासदी और महामारी झेलने के बाद अब इन उल्टी-सीधी हरकतों से चीन को सबक सीखना बेहद जरूरी है।
                    मित्रों, आप कमेन्ट के माध्यम से अपनी राय अवश्य बताएं। अन्य किसी भी जानकारी हेतु आप हमसे जुड़े रहें।

2 comments:

Unknown said...

अब चीन को जानवरो को खाना बन्द कर देना चाहिए । कोरोना से चीन को सबक खीख लेना चाहिए

Abhishek Mishra said...

अपना समर्थन देने के लिए धन्यवाद।

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