Sunday, March 29, 2020

कोरोना महामारी संकट, लॉकडाउन, पलायन और हमारे भारत देश की स्थिति

               Population Problem is the Biggest problem of Earth & specially for our India. जनसंख्या एक बहुत बड़ी समस्या है। भारत देश की इतनी बड़ी आबादी को भारत सरकार कितने दिनों तक अपने खर्च से भोजन करा सकती है?
               क्या फर्क पड़ता यदि ये गरीब लोग अपनों के साथ अपने गांव, अपने घर-परिवार में खुद ही किसी तरह इस संकट की घड़ी का सामना करते और इसमें सरकार उनकी मदद करती।


               I personally Love our Prime Minister Shri Narendra Modi ji because of The Nature, Diligent & Hardworking personality of him. लेकिन इस बार आपने ये गलती की है, आपने भारत की गरीब जनसंख्या के ख्याल में कमी कर दी। निःसंदेह, ये जो इस प्रचंड भीड़ का खतरा आया है, दिल्ली सरकार भी इसका कारण है। वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह प्रश्न अवश्य किया जाना चाहिए कि क्या दिल्ली सरकार ने इस तरह से अपने कर्तव्यों का सही निर्वहन किया है?

               क्या जरूरत थी विदेशों से भी उन अमीरों के बच्चों को भारत बुलाने की जब आप भारत के गरीब बच्चों को उनके घर भी नहीं जाने दे रहे? जबकि विदेशों से आएं उनमें उस वक्त कोरोना के खतरे ज्यादा थे न कि प्रयागराज, कानपुर जैसे शहरों के के गरीब छात्रों में। इन शहरों में रहने वाले छात्र आर्थिक परेशानियों के साथ ही साथ अब मनोवैज्ञानिक रूप से भी चिंतित हो रहे हैं।
               हां मै मानता हूं कि पहले से ही लॉकडॉउन की बात से हमारे भारत देश की भयंकर आबादी में भगदड़ मच जाती। किन्तु, 5-6 दिन पहले से अगर आप 15-20 दिन के Lockdown की बात से मुफ्त पैसेंजर ट्रेनों से लोगों को उनके घर जाने की सलाह दे देते तो क्या ये उचित नहीं था??

               कहां चले गए थे कैबिनेट के सभी बुद्धिजीवी? क्या यही दूरदर्शिता होती है राज्य के प्रधान की? हां, यही कारण है कि मैंने व्यक्तिगत तौर से इस शॉकिंग Lockdown को समर्थन नहीं दिया, क्योंकि इसके लिए सरकार तैयार थीं, लेकिन जनता की तैयारियां पूरी नहीं थी। पर क्या फ़र्क पड़ता है जब मेरे भारत के बुद्धिमान लोग इसको अच्छा बता दिए।

               माफ़ करना अगर ज्यादा मैंने कुछ ज्यादा बुरा कह दिया तो। किन्तु आज सड़कों पर अपने देश के मजबूर और बेबस लोगों की व्यथा देखकर मुझसे रहा नहीं गया... जरा बस इतना सोचिएगा कि जब भूख भी लगी हो पेट में और आगे पैदल भी चलना हो राह में...
Lord Shiva


               हमारे देश भारत पर अब एक बड़ा खतरा है। अब कोरोना के संक्रमण को रोकना ही होगा। जैसे भी हो कृपया लॉकडाउन हो जाएं। इस वक्त जरूरत है हम सभी को एक होने की। So plezzz🙏🙏 जितना हो सके उतना एक-दूसरे की मदद कीजिए और अपने देश को इस विपदा से बचाइए। आप चाहें तो इसे इतना शेयर कर सकते हैं कि आगे से हमारी सरकार इस प्रकार का कोई भी शॉकिंग फैसला लेने से पहले उसके बहुमुखी परिणाम को सोचने हेतु विवश हो जाए।

Wednesday, March 25, 2020

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा सत्र-2020/ALLAHABAD UNIVERSITY ADMISSIONS-2020

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने जारी किया नोटीफिकेशन, आवेदन शुरू, कोरोना संकट खत्म होते ही जल्द ही होगी प्रवेश परीक्षा

इलाहाबाद विवि में एडमिशन के इच्छुक विद्यार्थी जल्दी करें आवेदन

               जो स्टूडेंट्स इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना चाहते हैं उन्हें यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा देनी होगी। प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को सबसे पहले आवेदन पत्र भरने होते हैं। आवेदन पत्र वही छात्र भर सकते हैं जिन्होंने यूनिवर्सिटी द्वारा तय की गई योग्यता मापदंडो को करते हैं, अन्यथा उनके आवेदन रद्द किए जा सकते हैं।

               जो भी उम्मीदवार आईपीएस, एलएलबी, बीए.एलएलबी, सीआरईटी, यूजीएटी,  पीजीएटी(पीजीएटी-1,पीजीएटी-2) एडमिशन 2020 से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, वे अपने सवाल कमेन्ट में पूछ सकते
               जिन छात्रों के आवेदन स्वीकार किये जाते हैं उनका एडमिट कार्ड जारी होगा। एडमिट कार्ड प्राप्त करने के बाद ही छात्र इलाहाबाद यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा 2020 में शामिल हो सकते हैं। प्रवेश परीक्षा होने के बाद छात्रों का रिजल्ट जारी किया जाएगा। जिसके बाद यूनिवर्सिटी की तरफ से मेधा सूची निकाली जाएगी। जिन छात्रों का नाम मेरिट लिस्ट में आएगा उन्हें काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा।

               काउंसलिंग के दौरान छात्रों को एडमिशन मिल सकेगा। ALLAHABAD UNIVERSITY ADMISSIONS - 2020 के लिए नीचे दी गई महत्वपूर्ण तिथियों का विशेष ध्यान रखें -

ADMISSIONS START DATE — 25-03-2020
ADMISSION CLOSE DATE — 25-04-2020
LAST DATE OF FEE PAYMENT - 25-04-2020
               * NOTE: The last date of Application may be extended on account of Government advisory for spread of COVID-19 (CORONA) Pandemic.

Lord Shiva


               मन में उठ रहे अन्य किसी भी तरह के प्रश्न के जवाब जानने हेतु आप कमेन्ट के माध्यम से पूछ सकते हैं। ये पोस्ट आपको कैसी लगी? अपनी राय जरुर बताएं कि यह आपके लिए कितनी बेहतर और हेल्पफुल है।

Tuesday, March 24, 2020

क्या कोरोना जैसे ही ख़तरनाक है हंता वायरस भी? चाइना का एक और वायरस धमाका

               क्या हंता वायरस भी कोरोना वायरस की तरह ही खतरनाक वायरस है? क्या यह भी बड़े स्तर पर फैल जाएगा? आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में :-      

                अभी-अभी FB पर नजर पड़ी तो देखा कि एक और वायरस ट्रेंड हो रहा है। सोशल मीडिया की कितनी हकीकत, कितना फ़साना। किन्तु, ये शत-प्रतिशत सच है कि चीन ने एक बार फिर से नाम कमाया है और हंता वायरस नामक एक और बीमारी जनता को भेंट की है।

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              सम्पूर्ण विश्व इस समय कोरोना के कहर से जूझ रहा है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ चीन के वुहान शहर में जन्मे कोरोना वायरस का असर चीन में कम हो रहा है। परन्तु अब खबर ये भी है कि चीन के युन्नान प्रांत में सोमवार को एक व्यक्ति की हंता (Hanta) virus) नाम के वायरस से मौत हुई है। जिसके बाद लोगों को यह डर होना स्वाभाविक है कि कहीं कोरोना की तरह यह भी महामारी न बन जाए।
                पीड़ित व्‍यक्ति काम करने के लिए बस से शाडोंग प्रांत लौट रहा था। उसे हंता वायरस से पॉजिटिव पाया गया था। उसके साथ बस में सवार 32 अन्‍य लोगों की भी जांच की गई है। चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्‍लोबल टाइम्‍स की इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है।

                  अब इन चूहों को खाने में चाइना वालों की संतुष्टी और मासूम एवम् मूक प्राणी जगत की आह ने शायद हंता वायरस के रूप में भी हमें एक संदेश देना चाहा है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा सत्र-2020/ALLAHABAD UNIVERSITY ADMISSIONS-2020


                   चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि हंता वायरस, कोरोना वायरस की तरह घातक नहीं है। एक अंग्रेजी वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार हंता वायरस हवा के रास्ते नहीं फैलता है, बल्कि यह व्यक्ति के चूहे या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है। हंता वायरस चूहों में होता है। हालांकि इस वायरस के कारण चूहों में तो कोई बीमारी नहीं होती, लेकिन इस वायरस के कारण इंसानों की मौत हो जाती है।

                   विशेषज्ञ कहते हैं कि हंता वायरस एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति में नहीं जाता है, लेकिन कोई व्‍यक्ति चूहों के मल, पेशाब आदि को छूने के बाद अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो उसके हंता वायरस से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इस वायरस से संक्रमित होने पर इसके लक्षणों में इंसान को बुखार, सिर दर्द, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, उल्‍टी, डायरिया आदि हो सकता है। इससे मरने वालों का आंकड़ा 38 प्रतिशत है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या चूहे खाना जरूरी है? आप अपना विचार जरूर साझा करें।
                    अहिंसा का नाम भुला करके निर्दोष जीव-जंतुओं को खाना किस हद तक शोभनीय है? क्या ईश्वर ने मनुष्य को बस यही सब खाने के लिए बनाया है? चाइना के लोगों को सामान्य मानव व्यवहार के बजाय उल्टा-सीधा खाना क्यूं पसंद है? बार-बार असामान्य त्रासदी और महामारी झेलने के बाद अब इन उल्टी-सीधी हरकतों से चीन को सबक सीखना बेहद जरूरी है।
                    मित्रों, आप कमेन्ट के माध्यम से अपनी राय अवश्य बताएं। अन्य किसी भी जानकारी हेतु आप हमसे जुड़े रहें।

Monday, March 23, 2020

Lord Shiva

          जय शंकरजी, हे प्रभु! आपकी जय हो... मेरे महादेव आप अनंत हो, आदि हो, अनादि हो, अखंड हो, अभेद हो...
            क्या कहूं क्या लिखूं हे मेरे प्रभु, क्यूंकि जितना भी लिखूं सब कम है ; सभी तो आपसे और आप ही से हम हैं। हे भोलेनाथ, आपकी जय हो.....😇🙏🏻🙇🏻🙏🏻😇

कोरोना महामारी संकट, लॉकडाउन, पलायन और हमारे भारत देश की स्थिति

               Population Problem is the Biggest problem of Earth & specially for our India . जनसंख्या एक बहुत बड़ी समस्या है। भारत द...